Mahendergarh district haryana gk in hindi

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महेन्दरगढ़ जिला







महेन्दरगढ़ जिला 1 नवम्बर 1966 को हरियाणा राज्य के गठन के समय ही अस्तित्व में आया। महेन्दरगढ़ जिले से कोई भी राष्ट्रीय राजमार्ग नही गुजरता। महेन्दरगढ़ जिला हरियाणा का न्यूनतम जनसंख्या वृद्धि दर ( 19.09% ) वाला जिला है। हरियाणा का सबसे कम नगरीय जनसंख्या वाला जिला ( 1,09,303 ) भी है। महेन्दरगढ़ जिले में लाल मिट्टी पाई जाती है। यहाँ की मुख्य फसलों में गेहूं, सरसों, चना, बाजरा तथा सूरजमुखी है।





महेन्दरगढ़ का इतिहास


महेन्दरगढ़ का नाम राजा महेंद्र सिंह के नाम पर पड़ा। बताया जाता है कि महेन्दरगढ़ तथा इसके आसपास के गॉवों का आरम्भ अजमेर के शासक पृथ्वीराज चौहान के दादा अनंगपाल के समय मे हुआ था। कानोडिया ब्राह्मणों द्वारा आबाद किये जाने के कारण यह नगर पूर्व में कानोड के नाम से जाना जाता था। यहाँ पर राजा अनंगपाल ने अपने चचेरे भाई राजा लोनकरण के सहयोग से शासन किया था। इसका अधिकार क्षेत्र ढोसी हिल था, वहां पर उसने एक किला बनवाया था। यह भी कहा जाता है कि बाबर के एक सेवक मलिक महमूद खान ने इसे बसाया था। अंग्रेजों के समय यह हिसार जिले का एक हिस्सा था। 1861 ई० में पटियाला रियासत के शासक महाराज नरेंद्र सिंह ने अपने पुत्र मोहिन्दर सिंह के समान में, 17वीं शताब्दी में मराठा शासक तात्या टोपे द्वारा निर्माण करवाये गए किले का नाम, महेन्दरगढ़ रख दिया था और नारनौल निजामत का नाम बदलकर महेन्दरगढ़ निजामत रख दिया था। अकबर के समय नारनौल में टकसाल थी। यहां से जलाली सिक्के ढाले जाते थे।



प्रमुख खनिज


महेन्दरगढ़ जिला खनिज संपदा के मामले में काफी अग्रणी है।
यहाँ पर संगमरमर, तांबा, कच्चा लोहा, मैग्नेसाइट, स्फटिक, बेराइट्, चुना पत्थर, मेगनीज, स्लेट, एस्बेस्टस तथा केल्साइट आदि पाये जाते है।



महेन्दरगढ़ में प्रमुख मकबरे


1) इब्राहिम खान का मकबरा   -   नारनौल

2) सन्त हमजा पीर की दरगाह

3) शाह कुली का मकबरा

4) शाह विलायत का मकबरा





प्रमुख स्थल


1) माधोगढ़ का किला :-

महेन्दरगढ़ नगर से 15 किलोमीटर दूर अरावली पर्वत श्रृंखला के मध्य सबसे ऊंची चोटी पर यह ऐतिहासिक किला स्थित है। इसका निर्माण सवाई माधोपुर के शासक माधोसिंह ने करवाया था।


2) शाह विलायत का मकबरा :-

नारनौल नगर में शाह विलायत का मकबरा इब्राहिम खान के मकबरे के एक ओर स्थित है। यह मकबरा आकार में बड़ा है और एक महाविद्यालय जैसा लगता है। जिसमे तुगलक से लेकर ब्रिटिशकाल तक कि परम्परागत वास्तुकला को सजाया गया है। फिरोजशाह तुगलक काल मे यह मकबरा ओर इसके निकट के स्थल बनाये गए थे। इस मकबरे का पुराना भाग तुग़लकिया वास्तुशिल्प से बना है।


3) इब्राहिम खान का मकबरा :-

नारनौल नगर के दक्षिण में घनी आबादी के बीच स्थित इब्राहिम खान का मकबरा एक विशाल गुबंद के आकार का है। इसका निर्माण शेरशाह सूरी ने अपने दादा इब्राहिम खान की याद में करवाया था। लोदी शासनकाल में इब्राहिम खान नारनौल के जागीरदार रहे थे। मकबरे के अंदर इब्राहिम खान की कब्र है, जिस पर शाही खानदान का निशान भी अंकित है।


4) मिर्जा अली जां की बावड़ी :-

यह नारनौल नगर के पश्चिम में आबादी से बाहर स्थित है। इसका निर्माण मिर्जा अली जां द्वारा करवाया गया था। इस बावड़ी पर संगमरमर का बड़ा तख्त है। जिसके कारण इसे तख्तवाली बावड़ी के नाम से भी जाना जाता है।


5) राय मुकन्द दास का छता :-

इस ऐतिहासिक स्मारक का निर्माण शाहजहां के शासनकाल में नारनौल के दीवान राय मुकन्द दास ने करवाया था। यह स्मारक नारनौल के मुगलकालीन ऐतिहासिक स्मारकों में सबसे बड़ा है। अनुमान है कि यह स्मारक सुरंग मार्ग से दिल्ली, जयपुर, महेन्दरगढ़ तथा ढोसी से जुड़ा हुआ है।
लोगों के अनुसार बहुत समय पहले एक बारात सुरंग देखने के लिए अंदर घुसी थी परंतु वह लौटकर नही आई। अकबर के शासनकाल मे यहां बीरबल का आना - जाना था, इसलिए इस स्मारक को बीरबल का छत्ता के नाम से भी जाना जाता है।



6) जल महल :-

ऐतिहासिक जल महल नारनौल नगर के दक्षिण में स्थित है। इसका निर्माण सन 1591 में नारनौल के जागीरदार शाह कुली खान ने करवाया था। जल महल का निर्माण लगभग 11 एकड़ के भूखण्ड पर किया गया है।










7) चोर गुबंद :-



नारनौल नगर की उत्तर - पश्चिमी दिशा में एक ऊंचाई वाले स्थान पर निर्मित ऐतिहासिक स्मारक चोर गुबंद का निर्माण जमाल खान नामक एक अफगान ने अपनी ही समाधि स्थल के रूप में करवाया था।







 यद्यपि यह यादगार के रूप में बनवाया गया था, परन्तु नगर के बाहर स्थित होने के कारण इस स्थान पर चोर आदि शरण लेने लगे, जिसके फलस्वरूप इसका नाम कालांतर में चोर गुबंद पड़ गया।


8) नारनौल :-

महेन्दरगढ़ जिले का यह एक प्रमुख नगर है। नारनौल के प्रमुख 14 ऐतिहासिक स्मारकों में से तीन स्मारक केंद्रीय पुरातत्व विभाग और ग्यारह हरियाणा राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। यहाँ इब्राहिम खान का मकबरा, शाह विलायत का मकबरा, मुकन्द दास की सराय, पाबियाँ मस्जिद, शेख महिरान की दरगाह, शाह कुली खान का मकबरा, हरगोपाल तालाब, जल महल तथा बीरबल का छत्ता तथा कुछ मन्दिर है। जो देखने में काफी आकर्षक है। नारनौल शहर को बावड़ियों ओर तालाबों का नगर भी कहा जाता है।


9) ढोसी हिल :-

ढोसी हिल महेन्दरगढ़ जिले में स्थित है। यह कहा जाता है कि महेन्दरगढ़ व राजस्थान की सीमा पर स्थित इस पहाड़ी पर च्वयन ऋषि तपस्या किया करते थे।





 इस पहाड़ी पर च्वयन ऋषि की स्मृति में एक मंदिर बना हुआ है जहाँ सोमवती अमावस्या को मेला लगता है। च्वयन ऋषि को भार्गव समुदाय का संस्थापक माना जाता है। यह स्थान तीर्थ की तरह पवित्र है।

10) चामुंडा देवी का मंदिर :-

चामुंडा देवी का मंदिर नारनौल में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण राजा नोनकर्ण द्वारा करवाया गया था। इस मंदिर के ऊपर उन्होंने जामा मस्जिद बनवाई जो नारनौल की सबसे बड़ी मस्जिद है। यहाँ रामनवमी के दिन एक बड़ा मेला लगता है।

11) शिव मंदिर :-

शिव मंदिर महेन्दरगढ़ जिले के बाघोत गांव में स्थित है। प्रतिवर्ष विभिन्न प्रान्तों से लाखों शिव भक्त यहां शिव उपासना के लिये आते है। इस प्रसिद्ध शिव मंदिर का नाम ईश्वाकु वंश के चक्रवर्ती राजा दिलीप से जुड़ा हुआ है, जिससे इसकी प्राचीनता का बोध होता है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण राजा दिलीप सिंह ने ही करवाया था।



प्रमुख मेले


1) ढोसी का मेला

2) बाबा भिलाइनाथ का मेला

3) बाबा केशरिया की स्मृति में मेला

4) तीज का मेला

5) शिवजी का मेला

6) भूरा भवानी मेला

7) हनुमान जी का मेला

8) गुगा नवमी के उत्सव



प्रमुख जन्म स्थली


1) बाबा रामदेव :-

बाबा रामदेव भारतीय योग पुरूष है। इनका जन्म हरियाणा के महेन्दरगढ़ के अली सैयदपुर में 11 जनवरी 1971 को हुआ था। इन्होंने वर्ष 2006 में दयानन्द ग्राम में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट की शुरुआत की। बाबा रामदेव ने आम आदमी को योगासन एवं प्राणायाम की सरल विधियां बताकर योग के क्षेत्र में एक अदभुत क्रांति ला दी। ये अब तक देश - विदेश के करोड़ों लोगों को योग सीखा चुके है।


2) शेरशाह सूरी की जन्म स्थली भी महेन्दरगढ़ को माना जाता है। जिनका इतिहास में कई बार जिक्र किया जाता है।



अन्य महत्वपूर्ण तथ्य


★ पिप्पलाद ऋषि आश्रम ( बाघोत ) महेन्दरगढ़ में अवस्थित है।
★ उदलक ऋषि आश्रम भी महेन्दरगढ़ में है।
★ आराम - ए - कौसर बाग नारनौल ( महेन्दरगढ़ ) में स्थित है।
★ कानोड़ का किला महेन्दरगढ़ में स्थित है।
★ केंद्रीय विश्वविद्यालय जंतपाली ( महेन्दरगढ़ ) में स्थापित है। इसकी स्थापना 2009 में कई गई थी।
★ सरसों उत्पादन में महेन्दरगढ़ जिला हरियाणा में प्रथम स्थान पर है।
★ पांडवो की कर्मस्थली भी महेन्दरगढ़ मानी जाती है।
★ नाइट्रोजन प्लांट ( वीर्य बैंक ) महेन्दरगढ़ में स्थापित किया गया है।
★ गुरु सिंह सभा का गुरुद्वारा महेन्दरगढ़ में है।
★ अन्नपूर्णा तीर्थ महेन्दरगढ़ जिले में है।


महेन्दरगढ़ से पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण प्रशन


1) महेन्दरगढ़ का नाम किस राजा के नाम पर पड़ा।
2) पीपलाद ऋषि आश्रम कहाँ स्थित है।
3) आराम - ए - कौसर बाग कहाँ है।
4) कानोड़ का किला कहा पर है।
5) बाबा रामदेव का जन्म कहाँ हुआ था।
6) ढोसी हिल कहाँ पर है।
7) जल महल कहाँ पर है। ( most important question)
8) माधोगढ़ का किला कहा है। ( important )
9) महेन्दरगढ़ के चामुंडा देवी मंदिर का निर्माण किसने करवाया था।
10) भार्गव समुदाय का संस्थापक किसे माना जाता है।

इसी प्रकार के बहुत सारे question hssc exam में पूछे जाते है। अगर अपने इन सबको अच्छी तरह से पढ़ लिया तो आपको exams में कोई दिक्कत नही आएगी। इसी तरह की अन्य जानकारियों के लिए बने रहे इस ब्लॉग के साथ।

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