हरियाणा के प्रसिद्ध मंदिर hariyana ke prasiddh mandir

हरियाणा के प्रसिद्ध मंदिर पार्ट 2 

Hssc exam  में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण  मन्दिरों की सूची




अदिति का मन्दिर


कुरुक्षेत्र जिले के अमीन नामक गांव में अदिति का यह ऐतिहासिक और प्राचीन मन्दिर स्थित है। इसी स्थान पर अदिति ने सूर्य को जन्म देने से पूर्व तपस्या की थी इसी कारण इसका नाम अदिति का मन्दिर रख दिया था।



दाऊजी का मन्दिर


फरीदाबाद में जीटी रोड पर स्थित वंचारी गांव में दाऊजी का मन्दिर है। यह श्रीकृष्ण के भाई बलराम की याद में बना प्राचीन  मन्दिर है। यहां से वृज क्षेत्र का आरंभ होता है। यह उनकी कार्यस्थली थी।




शिव मन्दिर बाघोत


महेन्द्रगढ़ से दूर कनीना-दादरी मार्ग पर स्थित ग्राम बाघोत का प्राचीन शिव मन्दिर चिरकाल से उत्तरी भारत में लाखों नर-नारियों की श्रद्धा का केन्द्र बना हुआ है। यहां वर्ष में दो बार श्रावण की शिवरात्रि तथा फाल्गुन की महाशिवरात्रि को मेला लगता है।




चामुण्डा देवी का मन्दिर


प्राचीन नगर नारनौल के मध्य भाग में माँ चामुण्डा देवी का मन्दिर स्थित है। इस मन्दिर के ऊपर जामा -मस्जिद है जो नारनौल की सबसे बड़ी मस्जिद है। यहाँ राम- नवमी के दिन बड़ा मेला लगता है।




घण्टेश्वर मन्दिर


यह मंदिर रेवाड़ी का एक प्रशिद्ध मन्दिर है। इस मन्दिर में सनातन धर्म के सभी देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं। भारी संख्या में श्रद्धालु इस मन्दिर में पूजा करने आते हैं।


माता शीतला देवी का मन्दिर


यह मन्दिर गुड़गाँव में स्थित है। यहाँ चैत्र मास के नवरात्रों, वैशाख और आषाढ़ के सम्पूर्ण मास तथा आश्विन के नवरात्रों में मेला लगता है। गुड़गाँव गाँव की शीतला माता का मेला सम्पूर्ण भारत का एक प्रशिद्ध मेला है।



राधेश्याम मन्दिर 


कैथल के पुण्डरीक कस्बे में एक मंदिर स्थित है। यहाँ पर जनमाष्टमी पर मेला लगता है। यहाँ पर राधा -कृष्ण की  विशाल मूर्ति है।



गीता मन्दिर 


यह भी कैथल का विशाल मन्दिर है। यहां पर भगवती देवी और गौरी शंकर की मूर्ति है। मन्दिर के साथ एक विशाल वटवृक्ष है। कहावत है कि यह वृक्ष पाण्डवों के समय से है।


शिव मन्दिर


हरियाणा के पुण्डरीक तीर्थ में स्थित यह एक प्राचीन मन्दिर है। पहले इस मन्दिर पर मुसलमानों का अधिकार था। इस मन्दिर में शिवजी की विशाल मूर्ति है जो आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।


बेरी का रूढ़मल मन्दिर 


बेरी झज्जर जिले का एक प्राचीन कस्बा है। यहां पर अनेक प्राचीन मन्दिर है। इनमें से लाल रूढ़मल मन्दिर बहुत महत्वपूर्ण है। मन्दिर का निर्माण लाल रूढ़मल जी, सूरजभान व गिरधारी लाल तीन भाइयों ने मिलकर करवाया था। इसी मन्दिर में एक शिवालय है। इसका निर्माण 1953 में करवाया गया था। यहाँ पर राधाकृष्ण की मूर्ति भी है। यह यहाँ नन्द नन्दन ठाकुर के नाम से प्रशिद्ध है।


कुतानी का ठाकुरद्वारा


झज्जर से कुछ ही दूरी पर स्थित गाँव कुतानी में सन् 1901 में ठाकुर शालूसिंह के भाई शौजीसिंह ने यह मन्दिर  बनवाया था। इसमें श्रीकृष्ण व राधा की अष्टधातु की मूर्तियां बनवाई गईं। इनके लिए 50तोले के स्वर्णाभूषण बनवाए गए थे। जो अब भी देखे जा सकते हैं।

यमुनानगर का चिट्ठा मन्दिर


यह मन्दिर यमुनानगर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से है। इस चिट्ठे हनुमान मन्दिर का इतिहास बहुत पुराना है। इसमें स्थित श्वेत हनुमान की मूर्ति की स्थापना व निर्माण 60 वर्ष पहले हुआ। इस चिट्ठा मन्दिर में सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार को मेला लगता है।


★ चामुंडा देवी का मंदिर नारनौल में स्थित है।
★ जयंतपाली मन्दिर जींद जिले में स्थित है।
★ जितगिरी का मंदिर भी जींद जिले में है।
★ आर्य समाज मन्दिर हिसार में स्थित है।
★ हटकेश्वर ओर भूतेश्वर मन्दिर भी जींद में है।
★ प्राचीन ईंटो का मंदिर कैथल जिले मे है।
★ बिश्नोई मन्दिर हिसार जिले में स्थित है।
★ लकड़हारा मन्दिर यमुनानगर  के जगाधरी कस्बे में स्थित है।
★ परमहंस मन्दिर भिवानी के तिगड़ाना गांव में स्थित है।
★ गौरीशंकर या किरोड़ीमल मन्दिर भी भिवानी जिले में है।
★ कुंवारी बुआ का मंदिर हिसार जिले में स्थित है।
★ गीता भवन मन्दिर, अंजनी टीला मन्दिर, कुट्टी शिव मंदिर कैथल जिले में है।



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